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छोटे बदलाव का जादू

   अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके आश्चर्यजनक परिवर्तन ला सकते है । दोस्तों जीवन में सफलता पाने के लिए अच्छी आदतों का निर्माण करना और बुरी आदतों से छुटकारा पाना बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह जानना हमारे लिए बहुत जरूरी है कि अपने अंदर बदलाव लाने के लिए कोई और नहीं बल्कि हम खुद ही जिम्मेदार हैं । यह काम हमारे लिए करने में कोई और सक्षम भी नहीं है। आदत की जंजीरे इतनी कमजोर होती है कि उसे महसूस नहीं किया जा सकता। और फिर वह एक दिन इतनी मजबूत हो जाती है कि उन्हें तोड़ा नहीं जा सकता। अच्छी आदतों का विकास करने और बुरी आदतों को छोड़ने की कुछ आसान और अचूक उपाय बताने की कोशिस करूँगा I

        कुछ बेहद सरल और प्रैक्टिकल तरीकों से हम जानेंगे कि कैसे बुरी आदतों को तोड़ा जाए ताकि अपने जीवन में अच्छी आदतों को स्थान दे सके । देखिए बड़ी आसान सी बात है I  अपने आप के लिए अगले पांच साल के लिए अपने दो सिचुएशंस की कल्पना कीजिए। अगर हम हर दिन अपनी बुरी आदतों को दोहराते रहे है,तो हमारा  जीवन कैसा होगा ? और वहीं अगर हम हर दिन अच्छी आदतों से चिपके रहते हैं, तो पांच साल में हमारा  जीवन कैसा दिखेगा ?  हो सकता है कि हम दिन प्रतिदिन अपनी आदत ,उनके प्रभावों को ना पहचाने I  लेकिन पांच साल के समय को देखते हुए यह जानना आसान है कि हमारी रोजमर्रा की आदतें कैसे हमें बनाती है या बिगाड़ती है I  यह जानना जरूरी है कि आदत को हम अपना दुश्मन बनाते हैं या अपना सहयोगी बनाते हैं I  यह तो तय है कि हर रणनीति हर व्यक्ति के लिए काम नहीं करती ,इसलिए यह जान लेना भी जरूरी है कि हम उन्हीं आदतों पर अमल करेंगे ,जो हमारे लिए काम करने की संभावना रहती है  I ताकि अपना समय और ऊर्जा बर्बाद करनी पड़े I लोगों की नजर में आपकी आइडेंटिटी क्या है ? अगर सच में ही आपमें  कोई बुरी आदत है तो , उसे लोग आपकी पहचान बना देते हैं। आपकी पीठ पीछे ना, आपका वही नाम होता है । इसलिए आपकी निंदा की जाती है I  लेकिन आप बड़ी सरलता से इसे आज और अभी बदल सकते हैं । अपनी बुरी आदत को अच्छी आदतों से रिप्लेस कर दीजिए और नई आदत को बोझ मत समझिए। हर दिन यह नियम तय कीजिए जो भी अच्छी आदतें बनाएं उन पर अमल कीजिए । पंद्रह  मिनट के लिए कीजिए पर रोज कीजिए पंद्रह  मिनट नहीं तो पांच मिनट तो कर ही सकते हैं लेकिन जो भी काम हो उसे आपको डेली करना होगा। सफल लोगों की यही आदत होती है। वे किसी काम को लगातार और लंबे समय तक करते रहते हैं। जब तक कि वह आदत में शुमार ना हो जाए।क्या आप फिट तो होना चाहते हैं ,लेकिन हो नहीं पाते। एक सक्सेसफुल पैसा कमाने वाला कैरियर चाहते हैं, पर उस तक पहुंच नहीं पाते। स्मोकिंग छोड़ना चाहते हैं लेकिन छोड़ नहीं पाते।किसी भी चीज में यदि हमको सफलता पानी है, तो हमेशा उस में लगातार जुटे रहने की आवश्यकता पड़ती है। अच्छी आदतों के द्वारा हम बहुत कम में अपना ध्यान केंद्रित करके बहुत ज्यादा पा सकते हैं।सबसे पहले तो अपने सभी आदतों पर कंट्रोल हासिल करना होगा। और फिर धीरे-धीरे इन्हें जीवन को बदलने वाली परिणामों के रूप में देखें। 

किसी भी चीज की शुरुआत पहले और छोटी कदम से होती हैं। कोई भी चीज यूनिट से ही मिलकर बनती है। घर भी एक-एक ईंट जुड़कर बनती है। एक ही बार में घर नहीं बन जाता। हम भी छोटे से ही बड़े होते हैं। एक बरगद पेड़ जिसका आकार की कोई सीमा नहीं , एक छोटी सी बीज जो की सरसों के एक दाने से भी छोटी होती हैं। पहले दिन की छोटी और पॉजिटिव शुरुआत अगले दिन के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बनता है। आने वाले भविष्य के लिए आधार बनता है। आने वाले समय में कार्य का स्वरूप क्या होगा यह पता चलता है। लगातार छोटी परिवर्तन एक बड़ा परिवर्तन का रूप ले लेता है। अगर हम किसी भी चीज में छोटी सुधार करते हैं तो वह समय के साथ एक बड़ा सुधार का रूप ले लेता है। मान के चलिए हमें कहीं जाना है और प्रत्येक नियत दूरी तय करने के बाद में अपनी दिशा में मात्र एक डिग्री परिवर्तन करते हैं । बेसिकली अगर देखा जाए तो एक डिग्री के परिवर्तन से कोई विशेष असर नहीं पड़ता। लेकिन अगर यह परिवर्तन लगातार हो तो हम कहां के कहां पहुंच जाएंगे। इसी तरह से 1 दिन के परिवर्तन से कुछ असर नहीं पड़ता। अगर यह परिवर्तन लगातार प्रत्येक दिन है तो बहुत बड़ा असर होता है। इसीलिए कहा जाता है ना छोटा परिवर्तन किसी जादू से कम नहीं है। जितने भी चीजें आज हम देख रहे हैं वह सभी चीजें छोटी से ही बड़ हुई है।

अगर छोटा परिवर्तन का प्रैक्टिकल असर देखना हो तो प्रत्येक दिन अपने शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए कुछ समय शारीरिक व्यायाम कीजिए। शरीर में जो स्फूर्ति और ऊर्जा प्राप्त होगी वह किसी जादू के कम नहीं होगा।

बहुत बार होता क्या है कि हम कुछ बड़ा करना चाहते हैं। जोश में आकर उसका शुरुआत भी बड़ा ही करते हैं। हम जोर से रेस की शुरू में ही दौड़ने की कोशिश करते हैं। शुरूवात में जोश से भरा हुआ होना बहुत ही अच्छी बात है लेकिन इस जोश और जज्बे को अंत तक बनाए रखना बड़ी बात होती है। इसीलिए लंबे रेस का घोड़ा बनने के लिए शुरुवात भले छोटी हो लेकिन उसमें निरंतरता का होना बहुत बड़ी बात होती है। शुरुवात का पहला कदम ही दूसरे कदम बढ़ाने के लिए ऊर्जा का स्रोत होता है। पहले कदम ही दूसरा कदम बढ़ाने आधार होता है। दूसरा कदम तीसरे कदम का आधार होता है। इसी तरह से हर एक कदम दूसरे कदम का ऊर्जा का पूरक होता है। 

परिवर्तन प्रकृति का नियम है। यह परिवर्तन हमारे जीवन में भी लागू होता है। समय के मांग के अनुसार यदि हम अपने ऊपर जरूरी नहीं लाते हैं तो हमारे जीवन में जड़ता आ जाती है। हम अपने आप को अपडेट नहीं कर पाते और औरों से जीवन के रेस में काफी पीछे रह जाते हैं। इसीलिए हमें जरूरी है कि अपने जीवन में परिवर्तन छोटे ही सही लेकिन परिवर्तन जरूर करते रहें।

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