बड़े बदलाव की शुरुवात छोटी बदलाव से होती है

   ड़े बदलाव की शुरुवात छोटी -छोटी बदलाव से ही होती है। आप कितना भी कुछ भी चाहते हो,लेकिन आपके भविष्य को आकार वही चीजें देंगी , जिन्हें आप निरंतरता के साथ करते हैं। अच्छी आदतें हमें अपनी मंजिल तक पहुंचा सकती हैं।  वही हमारे अंदर बसी कुछ बुरी आदतें हमें एक ही जगह पर अटकाए रहती है और अधूरे रहने पर मजबूर करती हैं। छोटे छोटे सकारात्मक बदलाव हमें असाधारण परिणाम देती है। हम बहुत ही मामूली से मामूली बातों पर ध्यान लगाकर उन्हें अपने जीवन में डाल सकते हैं 
अगर यदि हमें अपनी आदतों को बदलने में परेशानी हो रही है, तो ये हमारी समस्या नहीं है। समस्या है, हमारी सिस्टम का जो हम बनाए रखे है । खुद को बदलना तो चाहते है पर बदलाव का तरीका गलत है ।बदलाव का एक  बेसिक नियम होता है ।इसको हम एक उदाहरण से समझते हैं।
जैसे कि हम एक हेल्थी बॉडी पाने की कामना करते हैं।
इसके लिए हमें एक संयमित जीवन चर्या को अपनाना होगा।.हमें प्रत्येक दिन व्यायाम करना होगी।.बैलेंस डाइट लेनी होगी।.पर्याप्त.मात्रा में पानी पीना होगा।.योगा मेडिटेशन करना होगा।.नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच करानी होगी।.रात में अच्छी नींद लेनी होगी।.शराब एवं धूम्रपान का इस्तेमाल नहीं करना होगा।.जहां तक पॉसिबल हो घर का खाना खाना होगा।.खाने की अच्छी आदतें विकसित करनी होगी।
इच्छित फल की प्राप्ति के लिए छोटी-छोटी आदतों की श्रंखला को हमें चरणबद्ध तरीके से फॉलो करना होगा। हम पढ़ाई में ठीक तो होना चाहते है पर नियमित रूप से सेल्फ स्टडी नहीं करते ।
 हम समाज को ठीक तो करना चाहते है मगर समस्याओं को चरण बद्ध तरीके से समझते नहीं । कोई भी बड़ी समस्या कई छोटी छोटी समस्याओं का समूह होता है। तो मतलब साफ है कि बड़ी समस्याओं को हल करने से पहले उन छोटी छोटी समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से निरंतरता के साथ हल करना होगा। 

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