कल को हम आज कैसे नष्ट कर रहें हैं।

कल को नष्ट करने के बजाय, आज को सही से जीने का समय है। आप अपने आज को बेहतर बनाएं और अपने लक्ष्यों की ओर प्रगति करें।

इसको हम एक उदाहरण से समझते हैं ,

एक उदाहरण है कि मान लीजिए आप आज से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का निर्णय ले सकते हैं। इसके लिए आप सुबह व्यायाम कर सकते हैं, स्वस्थ भोजन खा सकते हैं और अपने मन को शांत और प्रसन्न रखने के लिए ध्यान कर सकते हैं। इससे आपका आज बेहतर और संतुलित होगा, और आने वाले कल को भी प्रभावित करेगा। आप आज के दिन में अपने कार्यक्रमों को संगठित रूप से पूरा कर सकते हैं। अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें, समय प्रबंधन करें और अपने लक्ष्यों की दिशा में प्रगति करें। यह आपको न केवल आज को बेहतर बनाएगा, बल्कि आपके भविष्य को भी सशक्त बनाएगा।

आप अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिता सकते हैं। उनके साथ बातचीत करना, उनका साथ लेकर कुछ मजेदार कार्यों में भाग लेना और उनके साथ साझा करना आपको आज को यादगार बना सकता है। इससे आपके संबंध मजबूत होते हैं और आपका मन भी प्रसन्न रहता है। आप आज को किसी नए कौशल का सीखने का मौका भी देख सकते हैं। यह आपके जीवन में नए दरवाजे खोल सकता है और आपको नई स्थितियों में सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

बहुत सच है कि कई लोग कल को आज ही बर्बाद कर रहे हैं। यह कुछ मुख्य कारण हो सकते हैं:

  • कम्फर्ट जोन : कुछ लोग अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने में कठिनाई महसूस करते हैं और उनकी यह स्थिति उन्हें आज को सही से नहीं जीने देती है।
  • भविष्य की चिंता: कई लोग अपने भविष्य की चिंता करते हैं और इसके चलते वे आज के मौके का उपयोग नहीं कर पाते हैं।
  • प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना: कई बार लोगों को प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जो उनके आज को प्रभावित कर सकती है।

अव्यवस्था और अनियमितता: कुछ लोगों की अव्यवस्था और अनियमितता उन्हें आज को सही से नहीं जीने देती है, क्योंकि वे अपने समय को सही ढंग से प्रबंधित नहीं कर पाते हैं।यह सभी कारण लोगों को आज के मौके का उपयोग करने में बाधा डाल सकते हैं और उन्हें कल को बर्बाद करने में सहायक हो सकते हैं।अव्यवस्था और अनियमितता वाले लोग अक्सर आज को सही से नहीं जीते हैं क्योंकि उनकी दिनचर्या में निर्धारितता और संगठन की कमी होती है। इससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि:

  • समय का बर्बाद: अव्यवस्थित लोग अपने समय को अप्रभावी ढंग से उपयोग करते हैं। वे अपने कार्यों को टालते रहते हैं, जिससे उन्हें काम करने के लिए कम समय मिलता है और उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिलता है।

  • स्थितिगत चिंता: अव्यवस्थित लोगों को अक्सर चिंता होती है कि क्या करना है और कैसे करना है। इससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित होती है और वे अपने कामों में उत्साह नहीं दिखाते हैं।

  • कार्य दक्षता में कमी: अनियमित और अव्यवस्थितता के कारण, अव्यवस्थित लोग अक्सर अपने कार्यों में प्रभावी नहीं होते हैं। इससे उनकी कार्यदक्षता में कमी आती है और उन्हें सफलता प्राप्त करने में मुश्किलें होती हैं।

  • संबंधों में अस्थिरता: अव्यवस्थित और अनियमितता के कारण, इन्हें अक्सर अपने संबंधों में भी अस्थिरता महसूस होती है। वे अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने में कम सक्षम होते हैं, जिससे उनके संबंध कमजोर हो सकते हैं।इसलिए, संगठन और नियमितता को अपने जीवन में शामिल करके लोग अपने आज को सही से जी सकते हैं और कल की भी तैयारी कर सकते हैं।
  • अप्रभावी विनियोजन: समय का अप्रभावी विनियोजन करना, जैसे कि अत्यधिक समय तक टीवी देखना, सोशल मीडिया पर समय बर्बाद करना, या अनावश्यक गपशप करना।अप्रभावी कार्यक्रम: कई बार हम अप्रभावी कार्यक्रमों में समय बर्बाद करते हैं, जैसे कि बिना वजह लंबे धीमे चल रहे मीटिंग्स या अनपेक्षित शौकों में समय बिताना।

  • स्थितिगत आवश्यकताओं की अनधिकरण: हम अक्सर समय को स्थितिगत आवश्यकताओं के लिए खो देते हैं, जैसे कि अत्यधिक समय तक ट्रैफिक में खड़े रहना, व्यावसायिक यात्राओं में अधिक समय लगाना इत्यादि।उत्पीड़न या निराशा: कई बार हम अपने आप को उत्पीड़ित या निराश महसूस करके समय को बर्बाद करते हैं, जिससे कि हम अपने कार्यों में ध्यान नहीं दे पाते हैं।

निजी सामान को इधर-उधर रखना भी समय का एक तरीका है। यह बाधक हो सकता है क्योंकि जब हम अपने सामान को इधर-उधर रखते हैं, तो हमें फिर उसे ढूंढ़ने में समय लगता है। इससे हमारी काम की प्रक्रिया में विघ्न आता है और हमें अनावश्यक समय बर्बाद होता है।इस समस्या को सुलझाने के लिए, यह उपयुक्त हो सकता है कि हम अपने निजी सामान के लिए एक निर्धारित स्थान निर्धारित करें और उसे वहाँ ही रखें। इसके लिए व्यक्तिगत आयामों के आधार पर अलग-अलग संगठन और स्टोरेज समाधानों का उपयोग किया जा सकता है।साथ ही, हमें अपने सामान को वापस उसी स्थान पर रखने की आदत डालनी चाहिए, ताकि हमें बार-बार उसे खोजने की जरूरत न हो। इस तरह, हम समय को सही से प्रबंधित कर सकते हैं और अपने काम को स्मूथली और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकते हैं।


अव्यवस्था और अनियमितता एक गलत आदत होती है जो व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है। यह आदत हमें अपने कामों को समय पर नहीं करने की प्रवृत्ति देती है, जिससे हमारे लक्ष्यों तक पहुंचने में बाधा होती है। इससे हमें अपने कामों में प्रतिबद्धता कम होती है और हमें समय प्रबंधन में समस्याएँ होती हैं।अव्यवस्था और अनियमितता के कारण हम अपने लक्ष्यों को समाप्त करने में कठिनाई महसूस करते हैं और अक्सर हमें अपने कार्यों को टालने की आदत होती है। इससे हमारे परिणाम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और हम अपनी कार्यदक्षता में कमी महसूस करते हैं।इस गलत आदत के कारण हमारे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में भी संघर्षमय स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। अव्यवस्था और अनियमितता से निपटने के लिए हमें संगठन और नियमितता को अपने जीवन में स्थापित करने की आवश्यकता होती है।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आदिवासियों से दुनियां क्या सीख सकती है।

सामाजिक नशाखोरी(I)

ट्रस्ट का bylaws कैसे बनायें