millets

 मिलेट पर शायरी 🌾

1.
बाज़रा, ज्वार, रागी की शान,
गांव की मिट्टी की है पहचान।
सेहत का खजाना, पोषण की खान,
मिलेट है भारत की आन-बान-शान।

2.
ना शक्कर बढ़ाए, ना मोटापा लाए,
मिलेट हर रोग से हमें बचाए।
पुरखों की थाली में था जो स्वाद,
आज वही बन रहा दुनिया की फरियाद।

3.
जिसे कभी गरीबों का अन्न कहा,
आज वो विदेशों में भी छा गया।
सादा है, पर साधारण नहीं,
मिलेट हर दिल में जगह पा गया।

4.
धान-गेहूं की दौड़ में जो पीछे रह गया था,
आज पोषण के मंच पर वो सबसे आगे आ गया।
कुदरत का उपहार है ये अनमोल,
मिलेट को अपनाओ, और जियो अनमोल।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

क्यों जरूरी है ख़ुद से प्यार करना ?

मोबाइल की दुनिया में खोता बचपन

सामाजिक पिछड़ेपन के कारण